गुर्दे की पथरी खनिजों और अन्य पदार्थों से बने क्रिस्टल के समूह होते हैं, जो आपके मूत्र पथ में बनते हैं। ज़्यादातर पथरी पेशाब के माध्यम से स्वाभाविक रूप से बाहर निकल जाती है, लेकिन यह प्रक्रिया अत्यंत दर्दनाक हो सकती है। यदि पथरी अपने आप बाहर नहीं निकल पाती या मूत्र पथ में रुकावट उत्पन्न करती है, तो आपको पथरी को तोड़ने या निकालने के लिए चिकित्सा प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

 

फेलिक्स हॉस्पिटल यूरोलॉजी का सबसे अनुभवी हॉस्पिटल (Best Urology Hospital in Noida) हैं। ज्यादा जानकारी के लिए हमें कॉल करें +91 9667064100.


किडनी स्टोन क्या है ? (What is Kidney Stone in Hindi?):

किडनी स्टोन छोटे, कठोर खनिजों और लवणों का एक संग्रह होता है जो गुर्दे के अंदर बनता है। यह स्टोन तब बनते हैं जब यूरिन में कुछ पदार्थों की सांद्रता बढ़ जाती है और वे क्रिस्टल के रूप में जमने लगते हैं। समय के साथ, ये क्रिस्टल मिलकर एक ठोस पिंड का रूप ले लेते हैं। इन्हीं को गुर्दे की पथरी कहते हैं। किडनी स्टोन एक गंभीर लेकिन प्रबंधनीय समस्या है। गुर्दे की पथरी होने के लक्षण (Kidney Stone Symptoms in Hindi) को समझकर और सही समय पर उपचार करवाकर इससे बचा जा सकता है। स्वस्थ आहार और पर्याप्त पानी का सेवन गुर्दे की पथरी की संभावना को कम कर सकता है। किडनी स्टोन होना एक आम लेकिन बेहद दर्दनाक स्थिति है। समय पर ध्यान देने और सही पथरी का इलाज से इसे प्रबंधित और ठीक किया जा सकता है।

 

किडनी स्टोन के लक्षण (Symptoms of Kidney Stone in Hindi) :

किडनी स्टोन के लक्षण तब प्रकट होते हैं जब ये स्टोन गुर्दे से मूत्रवाहिनी (यूरीटर) में चले जाते हैं। ये लक्षण आमतौर पर तब महसूस होते हैं जब स्टोन मूत्र प्रवाह को अवरुद्ध कर देते हैं। गुर्दे की पथरी के लक्षणों का अनुभव करते समय, खासकर जब दर्द अत्यधिक हो, पेशाब में खून आ रहा हो, या बुखार हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि स्टोन के कारण किसी गंभीर जटिलता का विकास न हो। यहां गुर्दे की पथरी होने के लक्षण  (Kidney Stone Ke Lakshan in Hindi) की सूची दी गई है।

 

  • पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द : यह दर्द आमतौर पर कमर के एक तरफ या पीठ के निचले हिस्से में होता है और कभी-कभी यह पेट या जांघ तक फैल सकता है।  दर्द अचानक शुरू होता है और उसकी तीव्रता बढ़ती-घटती रहती है।
  • पेशाब करते समय दर्द या जलन : पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होना एक सामान्य लक्षण है।
  • पेशाब में खून आना (हेमाट्यूरिया) : पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या भूरे रंग का हो सकता है, जो खून की उपस्थिति को दर्शाता है।
  • उल्टी और मतली : गुर्दे की पथरी के कारण होने वाले दर्द के साथ-साथ उल्टी और मतली भी हो सकती है।
  • बार-बार पेशाब की इच्छा : स्टोन के कारण मूत्राशय में जलन हो सकती है। जिससे बार-बार पेशाब करने की इच्छा हो सकती है।
  • पेशाब की मात्रा में कमी : मूत्रवाहिनी में स्टोन फंस जाने से मूत्र प्रवाह में रुकावट आ सकती है, जिससे पेशाब की मात्रा कम हो जाती है।
  • बदबूदार या धुंधला पेशाब : मूत्र संक्रमण के कारण पेशाब से बदबू आ सकती है या उसका रंग धुंधला हो सकता है।
  • बुखार और ठंड लगना : यदि किडनी स्टोन के कारण मूत्र प्रणाली में संक्रमण हो जाता है, तो बुखार और ठंड लगना भी गुर्दे की पथरी के लक्षण(Kidney Stone Symptoms in Hindi) हो सकते हैं।
     

किडनी स्टोन के प्रकार (Types of Kidney Stone in Hindi) :

किडनी स्टोन मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं, जिनमें प्रत्येक प्रकार की रचना और कारण भिन्न होते हैं। किडनी स्टोन के विभिन्न प्रकारों को समझना उनके रोकथाम और उपचार में मददगार हो सकता है। सही जानकारी और समय पर उपचार से किडनी स्टोन की समस्या से निपटा जा सकता है। यदि गुर्दे की पथरी होने के लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यहां गुर्दे की पथरी के प्रकार और उनके बारे में जानकारी दी गई है:

 

  • कैल्शियम स्टोन (Calcium Stones) : किडनी स्टोन का सबसे सामान्य प्रकार कैल्शियम स्टोन होता है। ये मुख्य रूप से कैल्शियम ऑक्सलेट से बनते हैं। कैल्शियम स्टोन के बनने के मुख्य कारणों(Kidney Stones Causes In Hindi)  में ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, जैसे पालक, चॉकलेट और नट्स शामिल है। कुछ मेटाबोलिक विकारों के कारण भी मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है। पर्याप्त पानी न पीने से यूरिन में कैल्शियम की सांद्रता बढ़ सकती है।
  • यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stones) : यूरिक एसिड स्टोन तब बनते हैं जब यूरिन अत्यधिक अम्लीय हो जाता है। ये स्टोन उन लोगों में अधिक पाए जाते हैं जो उच्च प्रोटीन आहार का सेवन करते हैं। इनके मुख्य कारण मांस, मछली और शेलफिश का अधिक सेवन है। पर्याप्त पानी न पीने से यूरिन में यूरिक एसिड की सांद्रता बढ़ सकती है। कुछ लोगों में यूरिक एसिड स्टोन बनने की प्रवृत्ति वंशानुगत होती है।
  • स्ट्रुवाइट स्टोन (Struvite Stones) : स्ट्रुवाइट स्टोन अधिकतर महिलाओं में पाए जाते हैं और मूत्र संक्रमण के परिणामस्वरूप बनते हैं। ये स्टोन तेजी से बढ़ सकते हैं और गुर्दे की कार्यप्रणाली को बाधित कर सकते हैं। इनके प्रमुख कारण बैक्टीरिया हैं। जो यूरिन को कम अम्लीय बना देते हैं, जिससे स्ट्रुवाइट स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है। मूत्राशय में संक्रमण के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है।
  • सिस्टीन स्टोन (Cystine Stones) : सिस्टीन स्टोन दुर्लभ होते हैं और वंशानुगत विकार के कारण बनते हैं। यह विकार सिस्टिनुरिया कहलाता है, जिसमें सिस्टीन नामक अमीनो एसिड मूत्र में रिसाव करता है और स्टोन का निर्माण करता है। सिस्टिनुरिया के 

 

किडनी स्टोन के कारण (Causes of Kidney Stone in Hindi)

किडनी स्टोन बनने के कई कारण(Kidney Stones Causes In Hindi) हो सकते हैं, जो व्यक्ति की जीवनशैली, आहार, आनुवंशिकता और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित होते हैं। गुर्दे की पथरी के बनने के कई कारण होते हैं, और इनके जोखिम को कम करने के लिए सावधानीपूर्वक जीवनशैली और आहार को अपनाना महत्वपूर्ण है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाना किडनी स्टोन से बचाव के प्रमुख उपाय हैं। यदि आपको गुर्दे की पथरी के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित उपचार (Kidney Stone Treatment in Hindi) प्राप्त करें। यहां कुछ प्रमुख कारणों का विवरण दिया गया है:

 

  • पानी की कमी : यदि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो यूरिन का उत्पादन कम हो जाता है और यह अधिक गाढ़ा हो जाता है। इससे मूत्र में खनिज और लवणों की सांद्रता बढ़ जाती है, जो गुर्दे की पथरी बनने का कारण बन सकते हैं।
  • आहार संबंधी कारण : अधिक मात्रा में नमक (सोडियम) का सेवन मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे कैल्शियम स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है। पालक, चॉकलेट, चाय और नट्स जैसे खाद्य पदार्थों में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है, जो कैल्शियमऑक्सलेट स्टोन का कारण बन सकते हैं। अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन यूरिक एसिड स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकता है। आहार में पर्याप्त कैल्शियम न लेने से ऑक्सलेट अवशोषण बढ़ सकता है, जो स्टोन बनने का कारण बनता है।
  • आनुवंशिकता : यदि आपके परिवार में किसी को गुर्दे की पथरी हुआ है, तो आपके भी इसका शिकार होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ आनुवंशिक विकार, जैसे सिस्टिनुरिया, किडनी स्टोन का कारण(Kidney Stones Causes In Hindi) बन सकते हैं।
  • स्वास्थ्य समस्याएं : हायपरपैराथायरॉइडिज्म जैसी स्थितियां मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा सकती हैं। मूत्र पथ संक्रमण स्ट्रुवाइट स्टोन का कारण बन सकते हैं। कुछ गुर्दे की बीमारियां भी किडनी स्टोन बनने का कारण हो सकती हैं।
  • अन्य कारण : मोटापे के कारण यूरिन में एसिड की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ दवाएं, जैसे कि डाईयुरेटिक्स और कैल्शियम सप्लीमेंट्स, किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा सकती हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी भी स्टोन बनने का एक कारण हो सकता है।

 

किडनी स्टोन से बचाव (Prevention of Kidney Stone in Hindi)

गुर्दे की पथरी से बचाव के लिए सही जीवनशैली और आहार का पालन करना महत्वपूर्ण है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और स्वास्थ्य जांच करवाना किडनी स्टोन के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। यदि आपको किसी प्रकार के गुर्दे की पथरी के लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित परामर्श लें। किडनी स्टोन से बचाव के लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं। यहां किडनी स्टोन से बचाव के कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:

 

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं : पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से यूरिन पतला रहता है और खनिज व लवण घुलनशील रहते हैं, जिससे स्टोन बनने का खतरा कम हो जाता है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। यह सुनिश्चित करें कि आपका यूरिन हल्के पीले या साफ रंग का हो।
  • संतुलित आहार का सेवन करें : नमक की मात्रा को कम करें क्योंकि अधिक सोडियम मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा सकता है। पालक, चॉकलेट, चाय और नट्स का सेवन सीमित मात्रा में करें। प्रोटीन का सेवन संतुलित मात्रा में करें क्योंकि अधिक प्रोटीन यूरिक एसिड स्टोन का खतरा बढ़ा सकता है। आहार में पर्याप्त कैल्शियम शामिल करें क्योंकि कम कैल्शियम का सेवन ऑक्सलेट अवशोषण बढ़ा सकता है।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि : नियमित शारीरिक गतिविधि न केवल समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छी है, बल्कि यह किडनी स्टोन बनने के जोखिम को भी कम करती है। मोटापे से बचने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें, क्योंकि मोटापा गुर्दे की पथरी बनने का खतरा बढ़ा सकता है।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं : नियमित रूप से डॉक्टर से मिलें और यूरिन व रक्त परीक्षण करवाएं, विशेष रूप से यदि आपके परिवार में किडनी स्टोन का इतिहास है। यूरिन संक्रमण होने पर तुरंत गुर्दे की पथरी का इलाज(Kidney Stone Treatment in Hindi) करवाएं क्योंकि संक्रमण से स्ट्रुवाइट स्टोन बनने का खतरा होता है। यदि आप किसी ऐसी दवा का सेवन कर रहे हैं जो गुर्दे की पथरी के खतरे को बढ़ा सकती है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
  • घरेलू पथरी का इलाज और पारंपरिक उपाय : नींबू में सिट्रेट होता है, जो कैल्शियम स्टोन के बनने से रोक सकता है। दिन में एक या दो बार नींबू पानी पीने से लाभ हो सकता है। नारियल पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और यह गुर्दे की पथरी से बचाव में मदद कर सकता है।

 

यदि किडनी स्टोन का मामला जटिल हो जाता है या अगर बड़े पैमाने पर प्रकोप होता है, तो यूरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ की सलाह ली जा सकती है। ज्यादा जानकारी के लिए हमें कॉल करें +91 9667064100.

 

फेलिक्स हॉस्पिटल के यूरोलॉजी के विशेषज्ञों को जानें

 

डॉ. सचिन खंडेलवाल के पास 12+ वर्षों का अनुभव है और वे यूरोलॉजी के विशेषज्ञ हैं। उनका विशेषज्ञता क्षेत्र मूत्राशय की समस्याएं, मूत्र पथ संक्रमण (UTIs), मूत्राशय और गुर्दे का कैंसर, गुर्दे की रुकावट और गुर्दे की पथरी शामिल हैं। वे रीनल ट्रांसप्लांटेशन (कैडवरिक और लिवर से संबंधित), एंडोयूरोलॉजी, लैप्रोस्कोपिक और ओपन सर्जरी में भी विशेषज्ञता रखते हैं। मूत्र प्रणाली से संबंधित किसी भी समस्या के लिए उनसे सलाह लें।

 

डॉ. भंवर लाल बरकेसिया, 9+ वर्षों के अनुभव के साथ एक कुशल और समर्पित यूरोलॉजिस्ट (Urologist) हैं। वे विभिन्न प्रक्रियाओं जैसे URSL, TURBT, TURP, PCNL, PCN, DJ एक्सचेंज, यूरीथ्रोप्लास्टी, सिस्टोलिथोटोमी, लैप वैरिकोसीलेक्टॉमी और यूरीटेरोलिथोटोमी में विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कई ओपन/लैप रेडिकल नेफरेक्टॉमी, एड्रेनलेक्टॉमी और ट्रांसप्लांट सर्जरी में सक्रिय योगदान दिया है। इसके अलावा, डॉ. बरकेसिया ने 50 से अधिक रोबोटिक (Da Vinci Xi) यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और सिमुलेटिव रोबोटिक ट्रेनिंग में दक्षता प्राप्त की है। उनकी व्यापक विशेषज्ञता सर्जिकल और यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों को संभालने में भी परिलक्षित होती है

 

निष्कर्ष (Conclusion) :


किडनी स्टोन एक गंभीर लेकिन प्रबंधनीय स्थिति है। इसके लक्षणों को पहचानकर और समय पर उचित उपचार (Kidney Stone Treatment in Hindi) प्राप्त करके इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना किडनी स्टोन से बचाव के प्रमुख उपाय हैं। यदि आपको गुर्दे की पथरी के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें। समय पर ध्यान देने और सही उपचार से गुर्दे की पथरी की समस्याओं से बचा जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
 

किडनी स्टोन से जुड़े प्रश्न और उनके उत्तर (Kidney Stone Related Questions and their Answers in Hindi) :

 

  • प्रश्न : किडनी स्टोन क्या हैं ?

उत्तर: किडनी स्टोन, जिन्हें गुर्दे की पथरी भी कहा जाता है, छोटे, कठोर खनिजों और लवणों का एक संग्रह होता है जो गुर्दे के अंदर बनते हैं। ये तब होते हैं जब यूरिन में खनिजों और अन्य तत्वों की सांद्रता बढ़ जाती है और ये क्रिस्टल के रूप में जम जाते हैं।

 

  • प्रश्न : किडनी स्टोन के प्रकार कौन-कौन से होते हैं ?

उत्तर: किडनी स्टोन मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं। कैल्शियम स्टोन से कैल्शियम ऑक्सलेट से बने होते हैं। यूरिक एसिड स्टोन अधिक प्रोटीन युक्त आहार से बनते हैं। स्ट्रुवाइट स्टोन यूरिन संक्रमण के कारण बनते हैं। सिस्टीन स्टोन वंशानुगत विकार सिस्टिनुरिया के कारण बनते हैं।

 

  • प्रश्न : किडनी स्टोन के लक्षण क्या हैं ?

उत्तर: गुर्दे की पथरी होने के सामान्य लक्षण में पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब करते समय दर्द या जलन, पेशाब में खून आना, उल्टी और मतली, बार-बार पेशाब की इच्छा  शामिल हैं।

 

  • प्रश्न : किडनी स्टोन के बनने के मुख्य कारण क्या हैं ?

उत्तर: गुर्दे की पथरी बनने के प्रमुख कारणों में कम पानी पीना, उच्च सोडियम, ऑक्सलेट और प्रोटीन युक्त आहार, आनुवंशिकता, कुछ स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कि हायपरपैराथायरॉइडिज्म और मूत्र संक्रमण शामिल हैं। 

 

  • प्रश्न : किडनी स्टोन का निदान कैसे किया जाता है ?

उत्तर: किडनी स्टोन का निदान यूरिन में खनिज और अन्य तत्वों की मात्रा की जांच, रक्त में कैल्शियम, फॉस्फेट और यूरिक एसिड के स्तर की जांच एक्स-रे, सीटी स्कैन, या अल्ट्रासाउंड के माध्यम से स्टोन का आकार, स्थान और प्रकार का पता लगाकर किया जा सकता है। दवाएं स्टोन को टूटने और बाहर निकालने में मदद करती हैं। अधिक पानी पीना छोटे स्टोन यूरिन के साथ बाहर निकल सकते हैं।

 

  • प्रश्न : किडनी स्टोन से बचाव के उपाय क्या हैं ?

उत्तर: किडनी स्टोन से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, संतुलित आहार लें, जिसमें सोडियम, ऑक्सलेट और प्रोटीन की मात्रा नियंत्रित हो, नियमित शारीरिक गतिविधि करें. स्वस्थ वजन बनाए रखें, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।

 

  • प्रश्न : क्या किडनी स्टोन का पुनरावृत्ति (रिलैप्स) हो सकता है ?

उत्तर: हां, किडनी स्टोन का पुनरावृत्ति हो सकता है, खासकर यदि जीवनशैली और आहार में बदलाव नहीं किए जाते हैं। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाना पुनरावृत्ति के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

 

  • प्रश्न : क्या सभी किडनी स्टोन दर्दनाक होते हैं ?

उत्तर: नहीं, सभी किडनी स्टोन दर्दनाक नहीं होते। छोटे स्टोन बिना किसी गुर्दे की पथरी के लक्षण  के गुर्दे से बाहर निकल सकते हैं। हालांकि, बड़े स्टोन मूत्रवाहिनी में फंस सकते हैं और दर्द का कारण बन सकते हैं।

Book an Appointment

* By clicking on the above button you agree to receive updates on WhatsApp