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पेशाब रोकने में परेशानी, जिसे चिकित्सकीय भाषा में यूरिनरी इन्कॉन्टिनेंस (Urinary Incontinence) कहा जाता है। एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को पेशाब पर नियंत्रण बनाए रखने में कठिनाई होती है। यह समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में होती है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसका जोखिम बढ़ता है। यह समस्या शर्म या संकोच का विषय नहीं है। बल्कि एक चिकित्सीय स्थिति है जिसका सही समय पर इलाज संभव है। नोएडा में सर्वश्रेष्ठ यूरोलॉजी अस्पताल उपलब्ध है। इस ब्लॉग में हम इसके कारण, लक्षण, जांच और इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे।
पेशाब नियंत्रित न कर पाने की स्थिति को मूत्र असंयम कहते हैं। यह हल्की समस्या से लेकर गंभीर तक हो सकती है। हल्की स्थिति में केवल खांसने, छींकने या जोर लगाने पर थोड़ी पेशाब निकलती है। जबकि गंभीर स्थिति में अचानक तेज पेशाब की इच्छा होती है। व्यक्ति इसे रोक नहीं पाता। मूत्र असंयम के मुख्य प्रकार हैं: स्ट्रेस इन्कॉन्टिनेंस, जिसमें खांसने, छींकने, हंसने या वजन उठाने पर पेशाब निकलती है। अर्ज इन्कॉन्टिनेंस (Urge Incontinence) में अचानक तीव्र पेशाब की इच्छा होती है और रोक पाना मुश्किल होता है। ओवरफ्लो इन्कॉन्टिनेंस में ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं होता और पेशाब बार-बार टपकती रहती है। मिक्स्ड इन्कॉन्टिनेंस में दो प्रकार की समस्याएं एक साथ होती हैं।
बढ़ा हुआ प्रोस्टेट (बीपीएच)
प्रोस्टेट सर्जरी के बाद
मूत्र मार्ग संक्रमण (UTIs)
नसों की कमजोरी
गर्भावस्था और प्रसव
रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद हार्मोनल बदलाव
पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की कमजोरी
मधुमेह
मोटापा
अधिक कैफीन या शराब
न्यूरोलॉजिकल रोग
यूरिन की मांसपेशियों की कमजोरी
अचानक पेशाब की तीव्र इच्छा
बार-बार पेशाब आना
पेशाब करते समय जलन
खांसने या हंसने पर पेशाब निकल जाना
रात में कई बार उठकर पेशाब जाना
पेशाब के बाद भी ब्लैडर भरा महसूस होना
जांच के परिणामों के आधार पर ही डॉक्टर सटीक और व्यक्तिगत इलाज योजना तय कर सकते हैं, जिससे पेशाब असंयम की समस्या को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
पेशाब नियंत्रित न कर पाने की समस्या का सही इलाज तभी संभव है। जब इसके मूल कारण की पहचान हो जाए। इसके लिए डॉक्टर कई प्रकार की जांच कर सकते हैं। सबसे पहले यूरिन टेस्ट किया जाता है। जिससे संक्रमण या यूरिनरी ट्रैक्ट की अन्य समस्याओं का पता लगाया जाता है। इसके अलावा ब्लड शुगर टेस्ट भी आवश्यक है, क्योंकि मधुमेह जैसे रोग मूत्र असंयम को बढ़ा सकते हैं।
अल्ट्रासाउंड ब्लैडर, प्रोस्टेट (Prostate) और अन्य आसपास की संरचनाओं का मूल्यांकन करती है। इससे यह पता चलता है कि ब्लैडर पूरी तरह से खाली हो रहा है या नहीं और प्रोस्टेट का आकार सामान्य है या बढ़ा हुआ है।
कभी-कभी यूरिन की कार्यक्षमता को समझने के लिए यूरोडायनामिक टेस्ट (Urodynamic Test) की आवश्यकता होती है। यह टेस्ट बताता है कि मूत्राशय पेशाब भरने और छोड़ने के दौरान किस तरह काम कर रहा है और पेशाब रोकने की क्षमता कैसी है।
यूरिन मार्ग के अंदर किसी प्रकार की संरचनात्मक समस्या या सूजन का शक हो, तो सिस्टोस्कोपी की जाती है। इसमें एक पतली कैमरा युक्त ट्यूब के माध्यम से मूत्रमार्ग के अंदरूनी हिस्से का निरीक्षण किया जाता है।
नोएडा में पेशाब असंयम की समस्या के लिए नोएडा में सबसे अच्छे यूरोलॉजिस्ट मरीज की स्थिति के अनुसार सही इलाज तय करते हैं। आधुनिक जांच और उपचार की मदद से वे समस्या की जड़ तक पहुंचकर प्रभावी इलाज देते हैं। उपचार समस्या के प्रकार और उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है।
सबसे पहले हल्की और मध्यम स्थिति में दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। ये दवाइयां ब्लैडर की मांसपेशियों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, पेशाब की तीव्र इच्छा को कम करती हैं और मूत्राशय की कार्यक्षमता को सुधारती हैं।
यह हद प्रभावी होती हैं। यह विशेष व्यायाम पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, जिससे पेशाब पर नियंत्रण बढ़ता है और स्ट्रेस इन्कॉन्टिनेंस जैसी समस्या कम होती है।
इसमें मांसपेशियों के नियंत्रण और ब्लैडर की कार्यक्षमता में सुधार लाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाता है।
समस्या गंभीर हो, जैसे कि स्लिंग सर्जरी की आवश्यकता या प्रोस्टेट से जुड़ी जटिलताएं, तो (Surgery) की जाती है। सर्जरी से ब्लैडर की सहायता करने वाली संरचनाओं को स्थिर किया जाता है और मूत्र असंयम की समस्या को स्थायी रूप से कम किया जा सकता है।
वजन कम करना, कैफीन का सेवन सीमित करना, नियमित व्यायाम करना और धूम्रपान छोड़ना पेशाब असंयम को नियंत्रित करने में मदद करता है। स्वस्थ जीवनशैली से ब्लैडर और मांसपेशियों पर दबाव कम होता है और उपचार के परिणाम बेहतर आते हैं।
दिन में 6–8 गिलास पानी पिएं (अत्यधिक नहीं)
समय-समय पर पेशाब करने की आदत डालें
कब्ज से बचें
नियमित योग और व्यायाम करें
मधुमेह नियंत्रित रखें
पेशाब पर नियंत्रण लगातार बिगड़ रहा हो
पेशाब में खून आए
तेज दर्द या बुखार हो
अचानक पेशाब बंद हो जाए
पेशाब रोकने में परेशानी एक सामान्य लेकिन उपचार योग्य समस्या है। सही समय पर जांच और उचित इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव और नियमित व्यायाम भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संकोच न करें। यह समस्या जितनी जल्दी पहचानी जाए, इलाज उतना आसान होता है।
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उत्तर: उम्र बढ़ने के साथ यह आम है, लेकिन इसे सामान्य मानकर बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उत्तर: हल्के मामलों में व्यायाम और जीवनशैली सुधार से सुधार होता है। इसलिए जीवनशैली में सुधार करें।
उत्तर: हां, बढ़ा हुआ प्रोस्टेट एक आम कारण है। लक्षण दिखने पर तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
उत्तर: केवल गंभीर मामलों में इसकी जरूरत होती है। अधिकांश मरीज दवा और व्यायाम से ठीक होते हैं।
उत्तर: हां, विशेषकर प्रसव और मेनोपॉज के बाद होता है। इसलिए महिलाओं को सावधानी बरतना जरूरी होता है।