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पित्ती (Urticaria) त्वचा से जुड़ी एक आम लेकिन परेशान करने वाली एलर्जी की समस्या है, जिसमें शरीर पर अचानक लाल, उभरे हुए और खुजलीदार चकत्ते (Hives) निकल आते हैं। ये चकत्ते कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकते हैं और बार-बार भी हो सकते हैं। Best Dermatology Hospital in Noida में उपलब्ध है। यह समस्या अक्सर एलर्जी, दवाओं, खाने-पीने की चीजों या किसी बाहरी ट्रिगर के कारण होती है।
सही समय पर पहचान और इलाज से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
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पित्ती एक स्किन एलर्जी है। जिसमें त्वचा पर लाल, सूजे हुए और खुजली वाले चकत्ते दिखाई देते हैं। ये चकत्ते आकार में छोटे या बड़े हो सकते हैं और शरीर के किसी भी हिस्से में फैल सकते हैं। यह समस्या शरीर में हिस्टामिन (Histamine) नामक केमिकल के रिलीज होने से होती है, जिससे त्वचा में सूजन और खुजली पैदा होती है।
पित्ती कई कारणों से हो सकती है, जैसे:
कुछ लोगों को खाने की चीजों (नट्स, दूध, अंडा, सीफूड) से एलर्जी होती है।
एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर (जैसे इबुप्रोफेन) से पित्ती हो सकती है।
मच्छर, मधुमक्खी या अन्य कीड़ों के काटने से।
वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण।
ज्यादा ठंड, गर्मी या पसीना।
मानसिक तनाव भी एक बड़ा कारण है।
पित्ती (Urticaria) के अलग-अलग प्रकार होते हैं, जो इसके कारण, अवधि और ट्रिगर के आधार पर पहचाने जाते हैं। सही प्रकार की पहचान करना इलाज के लिए बेहद जरूरी होता है। नीचे इसके प्रमुख प्रकार विस्तार से दिए गए हैं:
यह पित्ती का सबसे आम प्रकार है, जो अचानक शुरू होती है और आमतौर पर कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों (अधिकतम 6 हफ्ते) के भीतर अपने आप या दवाओं से ठीक हो जाती है।
मुख्य कारण:
खाने की एलर्जी (दूध, अंडा, नट्स, सीफूड)
दवाइयां (एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर)
कीड़े के काटने
वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण
लक्षण:
शरीर पर लाल, उभरे हुए चकत्ते
तेज खुजली और जलन
चकत्तों का अचानक आना और गायब हो जाना
सही समय पर एंटीहिस्टामिन लेने से यह जल्दी कंट्रोल हो जाती है।
जब पित्ती 6 हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहती है या बार-बार होती है, तो इसे क्रॉनिक पित्ती कहा जाता है। यह कई महीनों या वर्षों तक भी रह सकती है।
संभावित कारण:
ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (शरीर का खुद की कोशिकाओं पर हमला)
थायरॉयड(thyroid) की समस्या
लगातार तनाव
कुछ मामलों में कारण स्पष्ट नहीं होता
लक्षण:
बार-बार चकत्ते निकलना
लंबे समय तक खुजली रहना
जीवन की गुणवत्ता पर असर
इसमें डॉक्टर लॉन्ग-टर्म ट्रीटमेंट और लाइफस्टाइल बदलाव की सलाह देते हैं।
यह पित्ती बाहरी शारीरिक कारकों (Physical triggers) के कारण होती है। यानी त्वचा पर किसी विशेष परिस्थिति के प्रभाव से चकत्ते बनते हैं।
मुख्य ट्रिगर:
ठंड
गर्मी या पसीना
धूप
दबाव
लक्षण:
ट्रिगर के संपर्क में आते ही चकत्ते बनना
प्रभावित हिस्से में सूजन और खुजली
कुछ मामलों में जलन या दर्द
उदाहरण: ठंडी चीज छूने या धूप में निकलने पर तुरंत पित्ती हो जाना।
इसे “स्किन राइटिंग” भी कहा जाता है। इस स्थिति में त्वचा पर हल्का सा खरोंच या दबाव पड़ते ही उसी जगह पर लाल, उभरे हुए निशान बन जाते हैं।
कारण:
त्वचा की अत्यधिक संवेदनशीलता
एलर्जिक प्रतिक्रिया
तनाव
लक्षण:
त्वचा पर लाइन या पैटर्न में उभरे हुए निशान
हल्की खुजली
कुछ मिनटों से लेकर घंटों में अपने आप ठीक होना
यह सामान्यतः खतरनाक नहीं होती, लेकिन बार-बार होने पर इलाज जरूरी होता है।
त्वचा पर लाल या सफेद उभरे हुए चकत्ते
तेज खुजली और जलन
सूजन (Swelling)
चकत्तों का बार-बार आना और गायब होना
चेहरे, होंठ, आंखों में सूजन
आमतौर पर पित्ती (Urticaria) एक सामान्य एलर्जी है, जो दवाओं या देखभाल से ठीक हो जाती है। लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का रूप ले सकती है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी होता है।
सांस लेने में दिक्कत:
अगर पित्ती के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या सांस फूलना महसूस हो, तो यह संकेत हो सकता है कि एलर्जी शरीर के अंदर तक असर कर रही है।
गले या जीभ में सूजन:
गले, जीभ या मुंह के अंदर सूजन आना बहुत गंभीर संकेत है। इससे सांस का रास्ता ब्लॉक हो सकता है, जो इमरजेंसी स्थिति बन जाती है।
चक्कर आना या बेहोशी:
ब्लड प्रेशर अचानक गिरने से चक्कर या बेहोशी हो सकती है। यह शरीर में गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया का संकेत है।
तेज सूजन – एंजियोएडेमा:
चेहरे, आंखों, होंठों या जननांगों के आसपास अचानक तेज सूजन आना। यह दर्दनाक भी हो सकती है और कई बार खतरनाक रूप ले सकती है।
इन लक्षणों के साथ पित्ती एनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis) नामक गंभीर एलर्जिक रिएक्शन में बदल सकती है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम अत्यधिक प्रतिक्रिया देता है, जिससे:
सांस की नली संकुचित हो सकती है
ब्लड प्रेशर तेजी से गिर सकता है
दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है
अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा भी हो सकता है।
तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर के पास जाएं
अगर डॉक्टर ने पहले से एड्रेनालिन (Epinephrine) इंजेक्शन बताया है, तो तुरंत इस्तेमाल करें
मरीज को आराम से लिटाएं और घबराने न दें
देरी बिल्कुल न करें, क्योंकि यह इमरजेंसी है
जिनको पहले गंभीर एलर्जी या पित्ती का इतिहास है
अस्थमा (Asthma) के मरीज
नई दवा या भोजन लेने के बाद रिएक्शन होना
कीड़े के काटने के बाद तेज एलर्जी होना
महत्वपूर्ण सलाह:
अगर पित्ती बार-बार हो रही है या ऊपर बताए गए गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में न लें। समय पर इलाज और सही पहचान से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है।
पित्ती का इलाज उसके कारण, गंभीरता और अवधि पर निर्भर करता है। अधिकतर मामलों में यह सही दवाओं और सावधानियों से जल्दी कंट्रोल हो जाती है, लेकिन क्रॉनिक (लंबे समय तक रहने वाली) पित्ती में लंबे इलाज की जरूरत पड़ सकती है। नीचे उपचार के मुख्य तरीके विस्तार से दिए गए हैं:
यह पित्ती के इलाज की पहली लाइन (First-line treatment) होती हैं। ये दवाएं शरीर में हिस्टामिन के प्रभाव को कम करती हैं, जिससे खुजली, लालिमा और सूजन में राहत मिलती है।
उदाहरण:
सेटिरीजिन
लोरैटाडीन
फेक्सोफेनाडीन
फायदे:
जल्दी असर करती हैं
रोजाना लेने पर पित्ती को कंट्रोल में रखती हैं
कम साइड इफेक्ट (नई जनरेशन की दवाएं कम नींद लाती हैं)
डॉक्टर की सलाह से नियमित रूप से लेना जरूरी है, खासकर क्रॉनिक पित्ती में।
जब पित्ती बहुत ज्यादा गंभीर हो जाती है या एंटीहिस्टामिन से आराम नहीं मिलता, तब डॉक्टर कम समय के लिए स्टेरॉयड दवाएं देते हैं। सूजन और एलर्जी (allergy)को तेजी से कम करते हैं। गंभीर मामलों में तुरंत राहत देते हैं। लंबे समय तक स्टेरॉयड लेना नुकसानदेह हो सकता है। केवल डॉक्टर की निगरानी में ही लें
क्रॉनिक पित्ती के उन मामलों में, जहां सामान्य दवाएं काम नहीं करतीं, डॉक्टर इम्यून सिस्टम को कंट्रोल करने वाली दवाएं या इंजेक्शन दे सकते हैं।
उपचार के विकल्प:
ओमालिज़ुमैब इंजेक्शन
साइक्लोस्पोरिन
फायदे:
बार-बार होने वाली पित्ती में प्रभावी
लंबे समय तक राहत मिल सकती है
यह इलाज विशेषज्ञ (Dermatologist/Allergist) की देखरेख में ही किया जाता है।
ठंडी पट्टी:
प्रभावित जगह पर ठंडी पट्टी रखने से खुजली और सूजन में तुरंत राहत मिलती है।
ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें:
टाइट कपड़े त्वचा को रगड़ते हैं और पित्ती को बढ़ा सकते हैं।
ट्रिगर से बचें:
जिस चीज से एलर्जी होती है (खाना, दवा, धूल, गर्मी/ठंड), उससे दूरी बनाएं।
स्किन केयर:
हल्के और खुशबू-रहित साबुन/लोशन का उपयोग करें। त्वचा को मॉइस्चराइज रखें
तनाव कम करें:
योग, मेडिटेशन और पर्याप्त नींद से पित्ती के एपिसोड कम हो सकते हैं।
बहुत गर्म पानी से न नहाएं, इससे खुजली बढ़ सकती है
शराब और बहुत मसालेदार भोजन से बचें
पानी ज्यादा पिएं, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे
डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं बंद या शुरू न करें
महत्वपूर्ण बात:
पित्ती का इलाज केवल लक्षण दबाना नहीं, बल्कि उसके कारण को पहचानकर उसे नियंत्रित करना भी जरूरी है। Best Dermatologist in Noida में उपलब्ध है। अगर पित्ती बार-बार हो रही है या लंबे समय तक ठीक नहीं हो रही है, तो त्वचा विशेषज्ञ से जरूर परामर्श लें।
एलर्जी ट्रिगर की पहचान करें और उससे बचें
बहुत ज्यादा गर्म या ठंडे वातावरण से बचें
तनाव कम करें (योग/मेडिटेशन)
हेल्दी डाइट लें
त्वचा को साफ और हाइड्रेट रखें
पित्ती बार-बार हो रही हो
2–3 दिन में ठीक न हो
सूजन चेहरे या गले में हो
सांस लेने में दिक्कत हो
📞 इलाज के लिए कॉल करें: +91 9667064100
पित्ती एक आम स्किन समस्या है। लेकिन सही जानकारी और समय पर इलाज से इसे आसानी से नियंत्रित किया जाता है। ट्रिगर की पहचान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इसके दोबारा होने के खतरे को कम किया जा सकता है। पित्ती का इलाज केवल लक्षण दबाना नहीं, बल्कि उसके कारण (Trigger) को पहचानकर उसे नियंत्रित करना भी जरूरी है। अगर पित्ती बार-बार हो रही है या लंबे समय तक ठीक नहीं हो रही है, तो त्वचा विशेषज्ञ से जरूर परामर्श लें।
उत्तर: सामान्यतः नहीं, लेकिन गंभीर एलर्जी में यह खतरनाक हो सकती है।
उत्तर: एक्यूट पित्ती कुछ घंटों या दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन क्रोनिक पित्ती लंबे समय तक रह सकती है।
उत्तर: नहीं, यह संक्रामक नहीं है।
उत्तर: एलर्जी वाली चीजें जैसे नट्स, सीफूड, पैकेज्ड फूड से बचें।
उत्तर: ट्रिगर से बचकर और सही इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।