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अंतिम अपडेट: 11 जुलाई, 2026 | पठन समय: 15 मिनट | संस्थान: NABH मान्यता प्राप्त फेलिक्स अस्पताल, नोएडा
कैशलेस सुविधा: CGHS व सभी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा (TPA) पैनल उपलब्ध
बवासीर, जिसे चिकित्सा विज्ञान में हेमरॉइड्स (Hemorrhoids) और सामान्य बोलचाल में पाइल्स (Piles) या bawasir कहा जाता है, एक अत्यंत पीड़ादायक स्थिति है। यह समस्या मलाशय (Rectum) और गुदा मार्ग (Anus) के निचले हिस्से में मौजूद रक्त वाहिकाओं (नसों) में सूजन आने और वहां छोटे-छोटे मस्से बनने के कारण उत्पन्न होती है।
अक्सर संकोच और झिझक के कारण लोग इसके लक्षणों को शुरुआती चरणों में छिपाते हैं, जिससे यह समस्या ग्रेड 1 से बढ़कर ग्रेड 4 की गंभीर स्थिति में पहुंच जाती है। फेलिक्स अस्पताल, सेक्टर 137, नोएडा में हम अत्याधुनिक और दर्द-रहित तकनीकों द्वारा बवासीर का पक्का और स्थायी इलाज प्रदान करते हैं।
मस्से की शारीरिक स्थिति के आधार पर बवासीर को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:
बवासीर (bawasir) के लक्षण महिला और पुरुष दोनों में समान हो सकते हैं। मुख्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
हालांकि शारीरिक संरचना के अनुसार बवासीर दोनों लिंगों में समान होती है, लेकिन पुरुषों में जीवनशैली से जुड़े कुछ विशिष्ट कारणों से लक्षण गंभीर हो सकते हैं। जिम में अत्यधिक वजन उठाना (Heavy Weightlifting), बिना पेल्विक सपोर्ट के स्क्वैट्स लगाना, या लगातार घंटों तक डेस्क जॉब/ड्राइविंग के दौरान एक ही जगह बैठे रहने से पुरुषों में बवासीर के लक्षण अचानक तीव्र हो जाते हैं।
गुदा मार्ग की रक्त वाहिकाओं पर अत्यधिक दबाव पड़ने के कई कारण हो सकते हैं:
उचित चिकित्सकीय निदान के लिए आंतरिक बवासीर को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:
स्टेज (Grade) | स्थिति (Clinical Presentation) | इलाज का तरीका (Standard Line of Treatment) |
ग्रेड I | मस्से पूरी तरह अंदर होते हैं। केवल मलाशय से रक्तस्त्राव हो सकता है। | उच्च फाइबर आहार, लेक्सेटिव्स और जीवनशैली में बदलाव। |
ग्रेड II | मलत्याग करते समय मस्से बाहर आते हैं और शौच के बाद अपने आप अंदर चले जाते हैं। | ओटीसी दवाएं, सिट्ज़ बाथ और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार मलद्वार की क्रीम। |
ग्रेड III | मस्से बाहर आने पर अपने आप अंदर नहीं जाते, उन्हें उंगली से अंदर धकेलना पड़ता है। | नॉन-सर्जिकल प्रक्रियाएं या आधुनिक लेजर ट्रीटमेंट। |
ग्रेड IV | मस्से हमेशा बाहर ही लटके रहते हैं और अत्यधिक दर्द का कारण बनते हैं। | एडवांस्ड लेजर सर्जरी (Laser Hemorrhoidoplasty)। |
अक्सर मरीज बवासीर (Piles) और भगन्दर (Fistula) के बीच अंतर नहीं समझ पाते और गलत उपचार का चयन कर लेते हैं। इन दोनों बीमारियों में चिकित्सकीय रूप से बहुत बड़ा अंतर है:
विशेषता (Parameter) | बवासीर (Piles / Hemorrhoids) | भगन्दर (Anal Fistula) |
परिभाषा (Definition) | यह गुदा मार्ग की रक्त वाहिकाओं (नसों) की सूजन है, जिसमें मस्से बन जाते हैं। | यह गुदा मार्ग के अंदर से लेकर बाहर की त्वचा तक बनी एक अस्वभाविक सुरंग (Tunnel) है। |
मुख्य लक्षण (Symptoms) | मलत्याग के समय दर्द रहित चमकीला लाल खून आना और मस्से महसूस होना। | मलद्वार के पास एक छोटा छेद होना, जिससे लगातार मवाद (Pus), पानी या खून रिसता रहता है। |
दर्द का प्रकार (Pain) | सामान्यतः आंतरिक बवासीर में दर्द नहीं होता (बाहरी बवासीर को छोड़कर)। | इसमें लगातार थड़कने वाला (Throbbing) तीव्र दर्द होता है जो उठने-बैठने पर बढ़ जाता है। |
कारण (Causes) | कब्ज, शौच के समय जोर लगाना और शारीरिक निष्क्रियता। | गुदा मार्ग की ग्रंथियों में संक्रमण (Abscess) या फोड़ा होना। |
उपचार (Treatment) | ग्रेड-1 और 2 दवाओं से ठीक, ग्रेड-3 और 4 में लेजर थेरेपी आवश्यक। | दवाओं से पूरी तरह ठीक नहीं होता। इसके लिए लेजर फिस्टुलोटॉमी या क्षारसूत्र अनिवार्य है। |
फेलिक्स अस्पताल (नोएडा सेक्टर 137) में बवासीर और अन्य प्रोक्टोलॉजी रोगों का इलाज वरिष्ठ विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाता है:
शुरुआती चरण (विशेष रूप से ग्रेड-1 और ग्रेड-2) के बवासीर के प्रबंधन में घरेलू और प्राकृतिक उपचार अत्यधिक वैज्ञानिक और प्रभावी भूमिका निभाते हैं। नीचे बवासीर को घर पर नियंत्रित करने के विस्तृत उपाय दिए गए हैं:
आहार में फाइबर का संतुलन मल को नरम बनाता है जिससे मलत्याग करते समय नसों पर दबाव नहीं पड़ता:
यह गुदा मार्ग की मांसपेशियों को आराम देने और सूजन कम करने की सबसे प्रभावी विधि है:
घरेलू उपचारों की सीमा (Strict Clinical Disclaimer): ध्यान रहे कि घरेलू उपाय केवल शुरुआती ग्रेड (Grade 1 & 2) के बवासीर में ही स्थायी राहत दे सकते हैं। यदि आपके मस्से ग्रेड 3 या 4 में पहुंच चुके हैं, तो घरेलू उपाय केवल अस्थायी राहत प्रदान करेंगे। ऐसे मामलों में बिना समय गंवाए लेजर चिकित्सा का चयन करना चाहिए।
फेलिक्स अस्पताल में हम प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार कस्टमाइज्ड उपचार प्रदान करते हैं:
ग्रेड III और IV के मामलों के लिए लेजर सर्जरी सर्वोत्तम और सबसे प्रभावी विकल्प है।
बवासीर के दर्द, ब्लीडिंग और असहजता को सहन करके इसे और गंभीर न बनाएं। फेलिक्स अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें और बवासीर के दर्द से हमेशा के लिए राहत पाएं।
इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और जागरूकता उद्देश्यों के लिए है। बवासीर (पाइल्स) के किसी भी लक्षण का अनुभव होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के स्व-दवा (Self-Medication) या ओटीसी क्रीम का उपयोग करने से बचें। सटीक निदान और सुरक्षित उपचार के लिए हमेशा प्रमाणित सर्जन से ही चिकित्सकीय परामर्श लें।
उत्तर: बवासीर का स्थायी इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। ग्रेड 1 और 2 के लिए उच्च फाइबर आहार और दवाएं पर्याप्त हैं। गंभीर स्थिति (Grade 3 & 4) के इलाज के लिए लेजर हेमोराइडोप्लास्टी (Laser Surgery) सबसे प्रभावी और स्थायी इलाज माना जाता है, जिसमें दोबारा होने की संभावना (Recurrence rate) 5% से भी कम होती है।
उत्तर: बवासीर की शुरुआत कब्ज के कारण मलत्याग के दौरान गुदा मार्ग की नसों पर दबाव पड़ने से होती है। इसके शुरुआती लक्षणों में शौच के समय दर्द रहित लाल खून आना, खुजली और मलद्वार के पास एक या दो छोटी गांठें (मस्से) महसूस होना शामिल हैं।
उत्तर: बवासीर के मरीजों को अत्यधिक तीखा और मसालेदार भोजन, मैदा से बने खाद्य पदार्थ (नूडल्स, पिज्जा, फास्ट फूड), अत्यधिक तला हुआ भोजन, कैफीन (चाय, कॉफी) और शराब से बचना चाहिए क्योंकि ये कब्ज बढ़ाते हैं।
उत्तर: गंभीर लक्षणों और सूजन के दौरान नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए क्योंकि इनमें फाइबर बिल्कुल नहीं होता और ये कब्ज बढ़ा सकते हैं। स्थिति सामान्य होने पर कम मसालों में पकाया गया चिकन या ग्रिल्ड फिश सीमित मात्रा में खाई जा सकती है।
उत्तर: तुरंत ब्लीडिंग रोकने और आराम पाने के लिए गुनगुने पानी के टब में 10-15 मिनट बैठें (सिट्ज़ बाथ), मलद्वार के हिस्से पर बर्फ की सिकाई करें और मल को मुलायम करने के लिए पर्याप्त पानी व इसबगोल की भूसी का सेवन करें।
उत्तर: भारत में बवासीर की लेजर सर्जरी का औसत खर्च ₹35,000 से ₹80,000 के बीच होता है। यह खर्च अस्पताल, बवासीर की स्थिति और मरीज की स्वास्थ्य बीमा (TPA) पॉलिसी पर निर्भर करता है।
उत्तर: हाँ, शुरुआती चरणों (Grade 1 & 2) के बवासीर को दवाओं, सिट्ज़ बाथ, फाइबर युक्त आहार और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने जैसी स्वस्थ आदतों को अपनाकर बिना ऑपरेशन के ठीक किया जा सकता है।
उत्तर: मस्सों की सूजन और खुजली को सुखाने के लिए डॉक्टर आमतौर पर स्थानीय सुन्न करने वाली क्रीम (Local Anesthetic Creams), दर्द निवारक जेल, माइल्ड सूजन रोधी ऑइंटमेंट और मल को ढीला करने वाले स्टूल सॉफ्टनर निर्धारित करते हैं।
उत्तर: बवासीर में गुदा मार्ग की रक्त वाहिकाएं सूजकर मस्से बनाती हैं, जिसमें ब्लीडिंग अधिक होती है। इसके विपरीत, फिशर में कठोर मल के कारण गुदा की अंदरूनी त्वचा पर एक चीरा या घाव बन जाता है, जिससे मलत्याग के समय अत्यंत तीव्र दर्द और जलन होती है।
उत्तर: गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोनल बदलाव और गर्भाशय का आकार बढ़ने से पेल्विक नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे बवासीर हो सकती है। इसका सुरक्षित इलाज उच्च फाइबर आहार, भरपूर पानी, नारियल पानी का सेवन और हल्के टहलने जैसे सुरक्षित व्यायाम हैं।
उत्तर: लेजर सर्जरी के बाद मरीज 24 से 48 घंटे के भीतर अपने काम पर लौट सकता है। आंतरिक रूप से गुदा मार्ग के घाव को पूरी तरह ठीक होने में लगभग 1 से 2 सप्ताह का समय लगता है, जिसके दौरान भारी शारीरिक कार्यों से बचना चाहिए।
उत्तर: नहीं, बवासीर कभी भी कैंसर का रूप नहीं लेती। हालांकि, मलाशय के कैंसर और बवासीर दोनों के प्राथमिक लक्षण (जैसे ब्लीडिंग होना) समान हो सकते हैं, इसलिए किसी भी ब्लीडिंग के मामले में विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है।
उत्तर: पपीता, नाशपाती, सेब (छिलके सहित), और पका हुआ केला बवासीर के लिए बेहद फायदेमंद हैं। अधपके फल (विशेषकर कच्चा केला) खाने से बचना चाहिए क्योंकि ये पाचन क्रिया को मंद कर कब्ज बढ़ा सकते हैं।
उत्तर: आयुर्वेदिक दवाएं शुरुआती बवासीर के दौरान कब्ज से राहत देने और लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकती हैं। हालांकि, ग्रेड 3 और 4 के गंभीर मस्सों के मामले में स्थायी समाधान के लिए लेजर जैसी आधुनिक तकनीक का ही उपयोग किया जाता है।
उत्तर: एक टब में सहने योग्य गुनगुना पानी लें। उसमें 10 से 15 मिनट बैठें ताकि प्रभावित क्षेत्र अच्छी तरह सिंक सके। इसके बाद उस हिस्से को एक साफ और मुलायम तौलिए से थपथपाकर सुखाएं (रगड़ें नहीं)। इसे दिन में 2 से 3 बार किया जा सकता है।